Instagram पर प्यार, कोर्ट मैरिज और फिर दर्दनाक अंत: 6 महीने बाद पिता को पता चली बेटी की मौत की खबर

बिहार के मधेपुरा जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर शुरू हुई एक प्रेम कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। एक लाचार पिता अपनी बेटी का हालचाल जानने जब उसके ससुराल पहुंचा, तो उसे पता चला कि उसकी बेटी की मौत तो छह महीने पहले ही हो चुकी है। ससुराल वालों ने इस मौत की खबर मायके वालों से पूरी तरह छिपा कर रखी थी। आइए जानते हैं क्या है यह पूरी घटना और कैसे खुला इस मौत का राज।

ससुराल पहुंचने पर खुला मौत का राज

यह पूरा मामला मधेपुरा जिले के आलमनगर नगर पंचायत (वार्ड संख्या 11) का है। खगड़िया जिले के रहने वाले पीड़ित पिता राजनीतिक सहनी जब 24 मई को अपनी बेटी कुमकुम कुमारी से मिलने उसके ससुराल पहुंचे, तो वहां दामाद घर पर नहीं मिला। जब उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की, तो ग्रामीणों ने बताया कि उनकी बेटी की मौत करीब छह महीने पहले ही हो चुकी है। यह सुनते ही पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद पिता ने मामले की जानकारी जुटाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी बेटी कुमकुम कुमारी का आलमनगर के रहने वाले दिलरंजन कुमार से इंस्टाग्राम के जरिए प्रेम संबंध हुआ था। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और परिवार के विरोध के बावजूद वे दोनों घर से भाग गए। 24 अप्रैल 2024 को दोनों ने पहले एक मंदिर में शादी की और फिर सहरसा कोर्ट में जाकर कोर्ट मैरिज कर ली।

शादी के बाद कुमकुम ने अपने पिता को व्हाट्सएप पर कोर्ट मैरिज का हलफनामा (अफेडेविट) भेजा। बेटी बालिग थी, इसलिए उसकी खुशी को देखते हुए मायके वालों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। उन्होंने बेटी-दामाद को सम्मान के साथ अपने घर बुलाया और सामाजिक परंपरा के अनुसार उपहार देकर विदा किया था।

नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठने और प्रताड़ना के आरोप

पिता राजनीतिक सहनी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही दामाद और उसके परिवार वालों ने नौकरी लगवाने का बहाना बनाया। इस बहाने उन्होंने मायके वालों से 1.80 लाख रुपये नकद और करीब 2.20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर ले लिए। इसके बाद भी आरोपियों की मांगें खत्म नहीं हुईं। आरोप है कि ससुराल वाले लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल और 5 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। जब यह मांग पूरी नहीं की जा सकी, तो कुमकुम को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

कैंसर पीड़ित मां से भी नहीं मिलने दिया

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि कुमकुम की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। कुमकुम अपनी मां से मिलने के लिए तड़पती रही, लेकिन ससुराल वाले बहाना बनाकर उसे मायके नहीं जाने देते थे। पिता के अनुसार, बेटी से उनकी आखिरी बार बातचीत 19 दिसंबर 2025 को हुई थी। इसके बाद कुमकुम का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया, जिससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

इस दौरान 22 अप्रैल 2026 को कुमकुम की मां का निधन हो गया। पिता ने मैसेज के जरिए इसकी सूचना दामाद और बेटी को दी, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई भी व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचा। इसी चिंता में जब पिता खुद बेटी का पता लगाने आलमनगर पहुंचे, तब जाकर इस खौफनाक सच का खुलासा हुआ।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस

बेटी की संदिग्ध मौत की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित पिता ने आलमनगर थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या (Dowry Death) की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने कुल छह लोगों को इस मामले में नामजद आरोपी बनाया है:

क्र.सं. आरोपी का नाम पीड़िता से संबंध
1 दिलरंजन कुमार पति (दामाद)
2 किशोर राम ससुर
3 ललिता देवी सास
4 गुरदेव कुमार देवर
5 नील राम देवर
6 आशुतोष आनंद दामाद का दोस्त

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पिता के आवेदन पर केस दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया से शुरू हुई यह प्रेम कहानी आखिरकार एक दुखद और रहस्यमयी अंत पर जाकर खत्म हुई। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि किस तरह लालच और दहेज जैसी कुप्रथाएं आज भी हमारे समाज में मासूम जिंदगियों को अपना शिकार बना रही हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है, और पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि कानून के जरिए उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा।

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